DDT News
जालोरसामाजिक गतिविधि

शिक्षा की अलख जगाने वाले किसान केसरी बलदेवराम मिर्धा की जयंती मनाई

जालोर. राष्ट्रीय जाट समाज सेवा संस्थान जालोर में किसान केसरी बलदेवराम मिर्धा की 134 वीं जयंती पर तस्वीर पर माल्यार्पण एवं पुष्पों से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर समाजसेवी राहुल जाट ने बताया कि बलदेव राम मिर्धा हमेशा किसानों के लिए लड़े और किसानों का हक दिलाया। साथ ही किसान केसरी बलदेव राम मिर्धा ने समाज को सामाजिक एवं राजनीतिक तौर पर परिपक्व बनाया। युवाओं को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।

इस अवसर पर रामप्रकाश चौधरी, रामलाल लामरोड, प्रेमसुख महिया, प्रहलाद इनानिया, बलदेव चौधरी, महेन्द्र जाजड़ा, रमेश बापोडिया, राजेश लटियाल, शिवलाल कड़वा, लोकेश लटियाल, नारायण तरड़ सहित समाजबन्धु मौजूद रहे।

Advertisement
किसानों को किया जागरूक

किसान केसरी बलदेव राम मिर्धा ने मारवाड़ के किसानों को उनके अधिकार के बारे में समझाया और उनको अपने हक के लिए लड़ना सिखाया, क्योंकि पहले किसानों को जमीदार खेती करने पर कुछ नहीं देते थे। इस कारण मारवाड़ में आम तबका याद करता है। उनकी जयंती पर प्रदेश भर में कार्यक्रम हुए। मारवाड़ के किसानों में शिक्षा का अलख जगाने वाले बलदेव राम मिर्धा का नाम आज भी किसानों और राजस्थान के जाट समाज के दिलों पर राज करता है। बलदेवराम मिर्धा ने किसानों की समस्याओं को जाना और उसका निवारण किया। बलदेव राम मिर्धा की जयंती के अवसर पर प्रदेशभर में कार्यक्रम हुए।

विज्ञापन
पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त के बाद किया समाज में जगाई अलख

मारवाड़ के किसानों के मसीहा बलदेव राम मिर्धा का जन्म 17 जनवरी 1889 को नागौर जिले के कुचेरा की परगना गांव में हुआ था। बलदेव राम मिर्धा ने दसवीं कक्षा पास करने के बाद जोधपुर पुलिस में हेड कांस्टेबल पद पर नौकरी की। बलदेव राम मिर्धा 24 साल में थानेदार से 34 वर्ष की उम्र में पुलिस इंस्पेक्टर और फिर पुलिस इंस्पेक्टर जनरल बन गए थे. 1947 में बलदेव राम मिर्धा पुलिस की सरकारी नौकरी से रिटायर हो गए. इसके बाद मिर्धा ने जगह-जगह किसान छात्रावास, जाट बोर्डिंग और शिक्षण संस्थान खुलवाएं।

Advertisement
विज्ञापन
किसानों को अपने हक के लिए लड़ना सिखाया

जाट समाज के अलावा जो समाज खेती पर निर्भर थे, उन समाज के लिए मिर्धा ने कई काम किए। जिसको लेकर आज भी बलदेव राम मिर्धा को हर कोई याद करता है। मिर्धा ने सरकारी नौकरी में रहते हुए किसान का दर्द समझा और किसान के हितों में काम करने लग गए। बलदेव राम मिर्धा के द्वारा जगाई गई जागरूकता की मिसाल एक ऐसी चिंगारी है जो मारवाड़ के लाखों किसानों में आज भी अन्याय के खिलाफ चल रही है। किसानों ने बलदेव राम मिर्धा को ‘किसान केसरी’ की उपाधि दी थी। इस प्रकार समाज सेवा करते हुए बलदेव राम मिर्धा नागौर के लाडू में एक सभा को संबोधित कर रहे थे उसी दौरान मिर्धा को दिल का दौरा पड़ा और उनकी जान चली गई।

किसानों ने दी किसान केसरी की उपाधि

Advertisement

किसान केसरी बलदेव राम मिर्धा ने मारवाड़ के किसानों को उनके अधिकार के बारे में समझाया और उनको अपने हक के लिए लड़ना सिखाया. पहले किसानों को जमीदार खेती करने पर कुछ नहीं देते थे. मिर्धा ने किसानों को इकट्ठा करके उनको उनके अधिकार के बारे में बताया. धीरे-धीरे किसानों के सहयोग से मारवाड़ किसान सभा का गठन किया गया. उन्होंने गांव-गांव घूम कर किसानों को अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए जागरूक किया. मिर्धा ने किसान छात्रावास भी खुलवाए।

Advertisement

Related posts

जन्मदिन पर पूर्व विधायक रामलाल मेघवाल का शक्ति प्रदर्शन, बोले- 50 साल राजनीति में गुजारे है, अंतिम सांस तक सेवा करुंगा

ddtnews

राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा शिक्षिका शालू मिश्रा सम्मानित

ddtnews

भ्रष्टाचारी सरकार को इस बार उखाड़ फेकेंगी जनता – ओटाराम देवासी

ddtnews

भंडारा महोत्सव में हवनकुंड में यजमानों ने दी आहुतियां

ddtnews

ओलम्पिक खेलों के मशाल यात्रा रथ एवं कला जत्था का मुख्यालय पर भव्य स्वागत

ddtnews

श्रम और अनुशासन का महत्व खेलों के माध्यम से ही प्राप्त होता है – व्यास

ddtnews

Leave a Comment