- भाजपा ने जालोर जिला मुख्यालय पर लोकसभा चुनाव प्रबंधन कार्यालय किया शुरू
दिलीप डूडी, जालोर विधानसभा में बहुमत पाकर उत्साहित हुई भाजपा ने धरातल पर आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियां भी शुरू कर दी है, लेकिन बार बार पराजित हो रही कांग्रेस अभी तक डिप्रेशन से बाहर नहीं आ पा रही है। भाजपा ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए शनिवार को जालोर संसदीय क्षेत्र के लिए जालोर जिला मुख्यालय पर सुन्देलाव तालाब के पास लोकसभा चुनाव प्रबंधन कार्यालय का शुभारंभ कर दिया है। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों के साथ साथ बड़ी संख्या में वे नेता भी मौजूद दिखे, जो लोकसभा चुनाव के लिए दावेदारी कर रहे है। इस कारण कार्यकर्ताओं में भी उत्साह का माहौल बना हुआ है।
चार बार से जालोर सीट जीत रही है भाजपा
आपको बता दें कि जालोर लोकसभा सीट पर पिछले चार बार से लगातार भाजपा जीत दर्ज करती आ रही है। यहां यूपीए सरकार के दौरान भी भाजपा के सांसद थे। वर्ष 2004 के चुनाव में एससी आरक्षित जालोर संसदीय सीट पर सुशीला बंगारू ने जीत हासिल की थी, उसके बाद परिसीमन में सामान्य हुई इस सीट पर लगातार देवजी एम पटेल भाजपा को जीत दिला रहे हैं। इस कारण इस सीट को यहां भाजपा सुरक्षित मान रही है, इसे देखते हुए यहां भाजपा में दावेदारों की भी संख्या बढ़ती जा रही है।
चेहरों की संख्या कम नहीं
जालोर सीट 2009 में पहली बार सामान्य हुई थी, उस दौरान यूपीए का माहौल होने के बावजूद प्रदेश में 25 सीटों में से चार सीटों पर भाजपा जीती थी। जिसमें एक सीट जालोर भी थी, जिस पर पहली बार देवजी पटेल सांसद बने थे, उसके बाद भाजपा की टिकट पर लगातार देवजी पटेल ने जीत हासिल की। अब फिर से चुनाव आ गए है, इस कारण दावेदार अपनी लॉबिंग में जुट गए है। इस बार भी सांसद देवजी पटेल के साथ साथ भाजपा सीए प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य आरडी चौधरी (रामचन्द्र दलाराम चौधरी), महेंद्र चौधरी, लुम्भाराम चौधरी, लक्ष्मण पटेल, मेघराज चौधरी, हरीश चौधरी, सांवलाराम देवासी, ओबाराम देवासी, भूपेंद्र देवासी, रविंद्रसिंह बालावत, नरपतसिंह अरणाय, श्रवणसिंह राव, जीवराज पुरोहित समेत कई लोग दावेदारी में जुटे हुए हैं।
चार सीट हारने के कारण तैयारी में भाजपा
आपको बता दें कि जालोर संसदीय क्षेत्र की आठ सीट में से 2014 में सात तथा 2019 के चुनाव में छह सीट भाजपा जीती थी, लेकिन इस बार प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बावजूद जालोर संसदीय क्षेत्र की 8 में से 4 सीट ही जीत पाई है। इस बार रेवदर, रानीवाड़ा व भीनमाल पर कांग्रेस जीत गई, वहीं सांचौर में निर्दलीय ने बाजी मार ली। जालोर, आहोर, सिरोही व पिंडवाड़ा ही भाजपा जीत पाई है। इस स्थिति को देखते हुए भाजपा ने धरातल पर तैयारी शुरू कर दी है।
इधर, कांग्रेस में डिप्रेशन का माहौल
इधर, कांग्रेस में तीन सीट जीतने के बाद भी लोकसभा चुनाव को लेकर डिप्रेशन बना हुआ है। क्योंकि 2019 में रिकॉर्ड तोड़ वोट हासिल करने वाले कांग्रेस प्रत्याशी रतन देवासी इस बार रानीवाड़ा से विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बन चुके है। इस कारण नए दावेदार को लेकर कांग्रेस अभी तलाश कर रही है।