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गुणवत्तापूर्ण कार्य की वाहवाही लूटने वाले कांग्रेसी नेताओं के मुंह पर तमाचा है आकोली-बरलूट सड़क, पहली ही बारिश में 37 स्थानों पर टूटा 37 करोड़ का कार्य

  • एमडीआर सड़क के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रति किलोमीटर करीब 80 लाख रुपए सरकार ने दिए, लेकिन घटिया कार्य के कारण कई स्थानों पर टूट गई सड़क

दिलीप डूडी, जालोर. गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं करने का दंश एक बार फिर सामने आया है। कार्य पूरा होते ही पहली ही बारिश में सड़क इस कदर बिखरी है मानो जैसे यह कई बरसों पहले बनी हो, यह नतीजा ठेकेदारों की निर्माण में लापरवाही और सम्बंधित एजेंसी (पीडब्ल्यूडी) की की गैर मॉनिटरिंग के कारण सामने आया है।

हम बात कर रहे है आकोली से वाया सियाणा रायपुरिया रोड की, जो इस बार सुधार के बाद पहली ही बारिश में टूटकर बिखर गई है, जिसके लिए सरकार ने हाल ही में करीब 37 करोड़ रुपए खर्च किये थे। दरअसल, राज्य सरकार ने बजट घोषणा 2022-23 में बरलूट से वाया सियाणा, आकोली, देलदरी, नून से रेवतड़ा तक की प्रमुख जिला सड़क (एमडीआर) के चौड़ाईकरण व सुदृढ़ीकरण के लिए घोषणा की थी। करीब 46 किलोमीटर सड़क की अनुमानित लागत करीब 46 करोड़ रुपए बताई गई, लेकिन सरकार ने 37 करोड़ रुपए का कार्यादेश जारी किया। इस सड़क के सुदृढ़ीकरण का कार्य 21 जुलाई 2022 को कार्य शुरू हो गया था व समाप्त अवधि 20 जुलाई 2023 थी। आकोली से रायपुरिया तक करीब मार्ग बन भी गया था, जगह बोर्ड लगाने का कार्य भी शुरू हो गया था, लेकिन यह सड़क मार्ग पहली बारिश को भी नहीं झेल पाया और जगह जगह से उखड़ना भी शुरू हो गया। सड़क पर दो से तीन फीट गहरे गड्ढे हो गए हैं। जिससे वाहन चालकों के लिए घटना का कारण बन सकते है।वाहन चालक बताते है कि 7 मीटर चौड़ा मार्ग देख काफी खुशी थी, मार्ग के हालत बद से बदतर हो गए। शनिवार को सिवणा से आकोली तक मार्ग का जायजा लिया तो नजारे चौंकाने वाले सामने आए हैं। यह सड़क कई जगहों से बिखर चुकी है। कई जगह बड़े बड़े गड्ढे हो चुके हैं।

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गुणवत्ता में घोर लापरवाही

निर्माण कार्य में ठेकेदार एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग की लापरवाही के निशान साफ तौर पर देखे जा सकते हैं, गौरतलब है कि इस मार्ग से जालोर व सिरोही के जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण गुजरते है, लेकिन किसी ने भी निर्माण के दौरान गम्भीरता से ध्यान नहीं दिया।

जालोर से सिरोही को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क

यह एमडीआर रोड जालोर को सिरोही जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली मुख्य सड़क है। दोनों जिला मुख्यालयों को जोड़ने वाली सड़क के ऐसे हालात निसंदेह कहीं न कहीं सरकार की भी शिथिलता की पोल खोल रही है।

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इनका कहना है …

सड़क सुदृढ़ीकरण में कोई कमी रही है और वह टूट गई है तो सरकार को लिखकर जांच करवाएंगे और सम्बंधित संवेदक के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही करवाएंगे।

– सवाराम पटेल, पीसीसी सदस्य

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पूर्व में भी हमने सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता के लिए सरकार को पत्र लिखे थे, लेकिन सड़कों का कार्य गुणवत्तापूर्ण नहीं किया गया। जिस कारण ये सड़कें टूट गई। इसके लिए सरकार को पत्र लिखकर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने व ऐसे ठेकेदारों पर ब्लैकलिस्ट करने की मांग करेंगे।

– छगनसिंह राजपुरोहित, विधायक, आहोर

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