DDT News
जालोरराजनीति

ईडब्ल्यूएस की विसंगतियों को दूर करने की मांग, पीएम को भेजा पत्र

श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन की मांग पर विधायक गर्ग ने भेजा मेल

जालोर. आर्थिक आधार पर आरक्षण ईडब्ल्यूएस की विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन की मांग पर विधायक जोगेश्वर गर्ग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ई- मेल भेज विसंगतियां दूर करने की मांग की है। भेजे पत्र में बताया कि केंद्र की बीजेपी सरकार ने अनारक्षित वर्ग की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए अपेक्षित संविधान संशोधन कर आर्थिक आधार पर आरक्षण को संभव बनाने पर ऐतिहासिक निर्णय लिया एवं आरक्षण व्यवस्था के कारण उत्पन्न हो रहे असंतुलन को ठीक किया, लेकिन आरक्षण की अहर्ताओं एवं प्रक्रिया में अनेक विसंगतियां हैं जिनके कारण अनारक्षित वर्ग का आर्थिक पिछड़ा परिवार इस आरक्षण का पूरा लाभ नहीं ले पाता एवं अन्य वर्गों से प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाता है।

विज्ञापन

इस आरक्षण को व्यवहारिक एवं व्यापक बनाया जाए ताकि सभी पात्र परिवार लाभान्वित हो सके। पत्र में बताया कि इसकी शर्तो में आय के साथ-साथ संपत्ति संबंधित शर्ते शामिल है जो अव्यवहारिक हैं कई राज्य सरकारों ने अपने राज्य के लिए राज्य की परिस्थितियों के अनुसार इसमें संशोधन किया है गुजरात, राजस्थान आदि में संपत्ति संबंधी शर्तें हटाकर केवल 8 लाख की वार्षिक आय को ही मापदंड माना है। संपूर्ण भारत के लिए एक प्रकार की शर्ते रखने की अपेक्षा संबंधित राज्यों द्वारा तय नियमों के अनुसार बने पात्रता प्रमाण पत्रों को ही केंद्र के लिए अनुमति किया जाए ताकि राज्य और केंद्र के लिए अलग-अलग प्रमाण पत्र न बनाने पड़े एवं इसकी शर्त भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार व्यवहारिक बन सके। पत्र में बताया कि इन प्रावधानों के कारण राज्य की नौकरियों और केंद्र की नौकरियों के लिए बने प्रमाण पत्रों का अनुपात 70:30 है उसमें भी मरुस्थलीय क्षेत्र के जिलों में तो यह अंतर बहुत अधिक हैं। इस आरक्षण में अधिकतम आयु सीमा न्यूनतम अहर्तक व फीस आदि में भी अन्य वर्गों को मिले आरक्षण की तरह छूट का प्रावधान किया जाए। ताकि इस वर्ग के अभ्यर्थी भी अन्य के साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा कर सके।

Advertisement
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि इस आरक्षण में आय की इकाई परिवार को माना गया है और परिवार की परिभाषा में स्वयं के अतिरिक्त माता पिता, पति पत्नी, अविवाहित भाई-बहन आदि को शामिल किया गया है जिसके कारण प्रक्रियागत परेशानी पैदा होती है और आय की गणना की प्रक्रिया जटिल एवं अव्यावहारिक हो जाती है। विशेष रूप से विवाहित महिलाओं को पीहर व ससुराल दोनों जगह के प्रशासनिक कार्यालय में चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में परिवार की आय की गणना में अन्य आरक्षण में क्रीमी लेयर की गणना की तर्ज पर केवल माता-पिता की आय को ही गणना का आधार बनाया जाए। इस वर्ग के विद्यार्थियों के लिए भी अन्य आरक्षित वर्गों की तरह छात्रवृत्ति, छात्रावास आदि की सुविधा प्रदान की जाए एवं इस वर्ग से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए राष्ट्रीय आर्थिक पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया जाए ताकि इस वर्ग के हितों का न्याय उचित संरक्षण हो सके। इस दौरान अर्जुनसिंह, नाथू सिंह, गणपतसिंह, चक्रवर्ती सिंह, डिंपल सिंह मौजूद थे।

Advertisement

Related posts

सिरे मंदिर धाम पर विश्व कल्याण को लेकर महारूद्र यज्ञ का पूर्णाहुति के साथ हुआ समापन, फले चुन्दडी में उमडी भक्तो की भीड़

ddtnews

बिशनगढ़ के संत ने देहदान की घोषणा की

ddtnews

जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक ने जिला कारागृह का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का किया अवलोकन

ddtnews

जालोर नगरपरिषद के नेताओं का गैरजिम्मेदाराना निर्णय, बोले- शहर में घर के बाहर कोई सांड मार जाए तो कोई कर्मचारी नहीं होंगे जिम्मेदार, बैठक में नहीं दी अभियोजन की स्वीकृति

ddtnews

आहोर विधायक राजपुरोहित ने किया जवाई बांध का निरीक्षण

ddtnews

Leave a Comment